प्रभु श्रीराम सिर्फ पूजनीय नहीं है, वे अपने आप में धर्मता एवं नैतिकता के साहित्य है। उनकी इसी सहिष्णुता, सदाचार एवं शौर्यता का अखंड व्याख्यान प.पू. श्री विजय कौशलजी महाराज के मुखारविंद से हुआ। कथा का मूल उद्देश्य “सर्वे भवन्तु सुखिनः” से प्रोत्साहित था। उत्तम स्वामीजी की प्रेरणा से इस रामकथा का
आयोजन किया गया था।

दिनांक 24 जनवरी 2016 को इसी कथा के उपलक्ष्य में भव्य चल समारोह आयोजित किया गया था|इस भव्य चल समारोह का आयोजन सुबह 8 बजे से किया गया| आम जनता के समर्थन और समिति के प्रयासों को सभी ने सराहा|

श्री रामकथा दिनांक- 7 से 14 फरवरी 2016, शनिवार, आईडीए स्कीम नंबर 140, पिपल्याहाना तालाब के पास, इन्दौर में आयोजित की गयी थी| इस भव्य कथा का आयोजन सभी भक्तजनों द्वारा सराहा गया| भक्तों ने भारी मात्रा में उपस्तिथि दर्ज कराके इस समागम को सफल बनाया| कथा में महर्षि उत्तम स्वामी, विधायक रमेश मेंदोला और श्री महेंद्र हार्दिया भी उपस्थित रहे| श्री राम कथा आयोजन समिति द्वारा किया गया यहा आयोजन हर मायने में सफल था|

विजय कौशलजी का परिचय-
इस देश की गौरवमयी संत परंपरा के सच्चे प्रतिनिधि, राष्ट्रसंत प.पू. श्री विजय कौशलजी महाराज का जन्म सन् 1952 में उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ। बाल्यकाल से ही वे धर्माचरण एवं वैराग्य की ओर प्रवृत्त हो गये थे। उन्होंने अपने जीवन का लक्ष्य श्रीराम युगीन संस्कारों को पुनः जीवंत करना बना लिया। प.पू. श्री विजय कौशलजी महाराज के सुमधुर कंठ से श्री तुलसीकृत रामचरितमानस की मनोरम व्याख्या शैली, गहराई में जाकर श्री गोस्वामीजी के भावों को प्रकट करने की अद्भुत क्षमता, श्रीराम कथा का राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में वर्णन एवं हृदय में छलकता भावना का अलौकिक अविरल प्रवाह, भक्तजनों को मंत्रमुग्ध कर देता है। उन्होंने अपने अपार ज्ञान युक्त प्रवचनों से वर्तमान जीवन की विसंगतियों से युक्त मानव जीवन के लिए धर्मशीलता का ज्योति मार्ग प्रशस्त किया है। वे ब्रह्मचारी एवं परम श्रीराम भक्त तपस्वी हैं।

उत्तम स्वामीजी का परिचय-
एक समाज की पहचान उसके लोगों से होती है और ये ही लोग, समाज को सभ्यता बनाते हैं। इस सोच एवं दिशा में, ध्यानयोगी महर्षि उत्तम स्वामीजी महाराज की सद्प्रेरणा एवं आशीर्वाद से समर्पण सेवा समिति, इन्दौर शाखा की शुरुआत की गई। उनका धर्म के प्रति समर्पण एवं सद्विचार सिर्फ हमारी सोच में नहीं बल्कि काम में भी झलकता है। महर्षि उत्तम स्वामीजी महाराज की महिमा अखंड है। वे तन्मयता से आदिवासियों की सेवा में तल्लीन है। उन्होंने गहन तप व त्याग से विश्व को सद् मार्ग पर ले जाने की शक्ति एवं सामर्थ्य का अर्जन किया है। ज्ञान से अभिभूत महर्षि उत्तम स्वामीजी महाराज का आशीर्वाद लेकर बनी समर्पण सेवा समिति, एक संपूर्ण संस्था है। इस संस्था द्वारा किए गए कार्य कई तरह के मुद्दों का संबोधन करते हैं, जिसमें जन-कल्याण, राष्ट्र कल्याण एवं धर्म उत्थान प्रमुख है।